10 दिसंबर 2012
आज प्रात : घूमने के बाद लौटकर 10.30 बजे तक आया . नाश्ता करने के बाद बहुत दिनों से न लिखने वाली डायरी भरने का निर्णय किया . सुशील गुप्ता ने कल 5 दिनों का " आर्ट ऑफ़ लिविंग " का कोर्स पूर्ण किया है . वे उसके अनुभव बताते रहे .
कल 9 को मैं आर्य समाज राजनगर में गया था . वहां 11 से 3 बजे तक रहा . वहां प्रीति भोज भी ग्रहण किया . वहां मुझे योग भाष्य की पुस्तक निर्णायक होने के कारण दी गयी . एक पुस्तक डा शिवशंकर शर्मा की भी दी गयी . मैंने दोनों पुस्तकें श्री बाबू राम विभाकर , कवि तथा श्री ओमप्रकाश गुप्ता , चन्द्र पुरी को प्रदान कर दी .
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