शनिवार, 21 अप्रैल 2012

21 अप्रैल 2012

आज २१ अप्रैल को कई दिनों बाद डायरी भर रहा हूँ . जनवरी से डायरी नहीं भर पाया . कल मेरठ से पारस आया . उसने बारहवीं की परीक्षाएं दी हैं . वह पहली बार इधर आया है . देखो उसका मन लगता है या नहीं . उसकी ज्यादा बोलने की आदत भी नहीं , साथ ही मेरी भी कम बोलने की आदत है . वह ज्यादातर टी.वी. देखता रहता है . चलो कुछ तो मन लगा रहता है .

आज के ही दिन मैंने कार ली थी . कार को लिए हुवे दस वर्ष हो गए हैं . कार कम ही चलती है . और वैसे ठीक भी है. बदलने के विषय में तो मैं सोच भी नहीं सकता . इस विषय में आयुष्मान ही निर्णय करेगा .

कल पारस ने सुपरबीन की साईट खोजी तथा उसे गेस्ट एकाउंट में सेट कर दिया . इस एकाउंट - suparbiin@gmail.com है तथा इसका पास वर्ड - suparbiin2 है . इसमें मेरा पन्ना में आत्मचरित तथा मेरा पन्ना 2 में बोध कथा है . इसका url _ suparbiin_suparbiin है .

 आज मौसम थोडा गरम है . पर फिर भी अप्रैल के हिसाब से कुछ ठंडा ही चल रहा है .

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