सोमवार, 21 नवंबर 2011

२२ नवम्बर 11

२२ नवम्बर ११


आज कई दिनों बाद डायरी लिख रहा हूँ . ११ नवम्बर को लिखा था . १२ से २१ तक व्यस्त रहा . १३ को श्री सुभाष सिंघल के उनके बेटे की शादी थी . उनके यहाँ आकस्मिक किसी का निधन के उपरांत कार्यक्रम स्थगित हो गया . फिर हम चौदह को विवाह स्थल इम्पीरियल गार्डेन , हापुर रोड गोविन्दपुरम के सामने गये . गाड़ी खड़ी करने में कुछ परेशानी हुयी . वहां बहुत ही भीड़ थी . इंतजाम भी बहुत ही विशाल था , बहुत ही स्टाल थे , जल्दी से कुछ नजर नहीं आ रहा था . पर क्वालिटी वह नहीं थी ; जो होनी चाहिए थी . कुछ अव्यस्तता हो गयी माहौल गमगीन तो था ही .

१५ को सामान्य -सा ही रहा . १८. १९ और २० नवंबर को आर्य समाज , कविनगर का वार्षिकोत्सव था . उसमें व्यस्त रहा . गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में वेद-विभाग के प्रोफैसर डा मनुदेव बंधु यज्ञ के ब्रह्मा रहे . उनका प्रवचन रोचक कम पर ज्ञान वर्धक अधिक था  . कुछ बोलने की शैली भी मंद थी . पर कार्यक्रम भलीभांति सम्पन्न हो गया . संगीत उपदेशिका श्रीमती सुदेश आर्य का कंठ तो सुरीला था , पर उनमें रोचकता का अभाव ही था . वे श्रोताओं को बंधने में पूर्ण समर्थ नहीं हो सकीं . आर्यसमाज के कार्यक्रमों को ज्ञानपूर्ण होने के साथ मनोरंजक बनाने का भी प्रयास करना चाहिए .

२१ को आराम ही करता रहा . कुछ थकावट-सी हो गयी थी . रात को देर तक कम्प्यूटर पर कार्य करता रहा . इसलिए सोकर देर से उठा . आलस्य - सा ही रहा . सुबह देर से योगाभ्यास के लिए गया . तथा कार में १००० का पेट्रोल डलवाया .

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